Breaking News

25 दिसंबर मनुस्मृति दहन ब्राह्मणवाद अन्यायपूर्ण जातिवादी वर्ण-व्यवस्था के विरुद्ध सांकेतिक बगावत।

25 दिसंबर मनुस्मृति दहन ब्राह्मणवाद अन्यायपूर्ण जातिवादी वर्ण-व्यवस्था के विरुद्ध सांकेतिक बगावत।

25 दिसम्बर 1927 को मनुस्मृति दहन बाबा साहेब आंबेडकर के नेतृत्व में ब्राह्मण मनु के अन्यायपूर्ण जातिवादी विचारधारा संहिता (कानून) वर्ण-व्यवस्था के विरुद्ध सांकेतिक बगावत थी। जानकारी के अनुसार मनुस्मृति की किताब को जलाने वाले का प्रस्ताव लाने वाले सुधारवादी मराठी ब्राह्मण गंगाधर नीलकंठ शास्त्र बुधे ने मनुस्मृति का दहन किया था। और मराठी ब्राह्मण चित्रा शामिल था। मनुस्मृति किताब संहिता (कानून) में समानता की विचारधारा नहीं थी असामनता थी, जन्मजात ब्राह्मण श्रेष्ठ था और दलित अनुसूचित जाति के लोग नीची जाति अछुत थे। मनुस्मृति दहन का उद्देश्य मनु की विचारधारा संहिता (कानून) को नष्ट करना था।

Check Also

दशहरा अशोका विजय दशमी धम्म प्रवर्तन दिन है सभी का मंगल हो

🔊 इस खबर को सुने Kaliram दशहरा अशोका विजय दशमी बुद्ध प्रवर्तन दिन है सबका …