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पुरे बुथो की गणना नही लेकिन परिणाम घोषित पुरी तरह हिटलरशाही, लोकतंत्र को बचाने हेतु ईवीएम मशीन मतगणना का बहिष्कार और कांग्रेस से हटकर तीसरे मोर्चे का गठन।

पुरे बुथो की गणना नही लेकिन परिणाम घोषित पुरी तरह हिटलरशाही, लोकतंत्र को बचाने हेतु ईवीएम मशीन मतगणना का बहिष्कार और कांग्रेस से हटकर तीसरे मोर्चे का गठन।

गत 6 दिसंबर 23 को दैनिक भास्कर के अंक बैतूल पहले पेज में प्रकाशित समाचार बता रहा है कि आमला के दो बुथक्र.61-88 बैतूल के एक बुथक्र.268 और घोड़ाडोंगरी के एक बुथक्र.49 की मतगणना ही नही हुई और निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित कर दिये बड़ा आश्चर्य होता है। जिस तरह से भाजपा के पक्ष में आश्चर्यजनक परिणाम आये है उससे मतगणना में हेराफेरी की आशंकाएं होना लाजिमी है। निर्वाचन अधिकारी संदेहास्पद है। 17 नवंबर 23 को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव हुए और 3 दिसंबर 23 को चुनाव परिणाम घोषित हुए जिसमें भाजपा ने पुनः प्रचंड बहुमत में वापसी की है। लेकिन परिणाम के बाद मतगणना में विपक्षी दल तथा पार्टीया धांधली होने का शोर करने लगी है। ईवीएम मशीन से मतगणना में हेराफेरी की कई  जानकारी के अनुसार 15000 शिकायते इलेक्शन कमीशन को की गई है लेकिन इलेक्शन कमीशन की ओर से शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि इलेक्शन कमीशन मानने को तैयार नहीं है कि ईवीएम मशीन के मतगणना में कोई गरबड़ी हुई है।देखा जाये तो एक कोड़ की जानकारी मिलने पर बैंक खातों से खाता खाली किया जा सकता है तो ईवीएम मशीन मतगणना परिणाम प्रभावित भी संभव है क्योंकि निर्वाचन अधिकारी सरकारी मुलाजिम होते हैं अपने नौकरी के खातिर सत्ताधारी के कहने पर कार्य करते हैं। ईवीएम मशीन मतगणना गड़बड़ी को लेकर जानकार लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो भी परिणाम आये लेकिन यहां तो लोकतंत्र की सरेआम हत्या हो रही है, हिटलरशाही चल रही है। इस हिटलरशाही खेल में कांग्रेस का हाथ होना भी लगता है, क्योंकि कांग्रेस कथनी-करनी में फर्क है, इंडिया गठबंधन भाजपा को हराने के लिए नही है बल्कि कांग्रेस का सत्ता हासिल करना है राजनीति में सब संभव है स्वार्थ के लिए जानी दुश्मनों को भी हाथ मिलाते देखा है।बसपा के संस्थापक कांशीराम ने भाजपा को नागनाथ और कांग्रेस को सापनाथ की संज्ञा देने पर भी नागनाथ भाजपा से हाथ मिलाकर उत्तर प्रदेश में सरकार बना ली यह प्रत्यक्ष उदाहरण है। विगत छः महीने बाद वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और ईवीएम मशीन से लोकतंत्र के निष्पक्ष चुनाव की कैसी आशा लगाई जा सकती है। ईवीएम मशीन मतगणना का बहिष्कार करना,जिस तरह कांग्रेस के खिलाफ पुर्व वी पी सिंह ने सभी कांग्रेस विरोधी को इकट्ठा कर जनता दल का निर्माण कांग्रेस विरोधी माहौल तैयार कर सत्ता से कांग्रेस को उखाड़ फेंका था उसी तरह ही लोकतंत्र को बचाने मात्र कांग्रेस को तीसरा राजनैतिक मोर्चा बनाने की अतिआवश्यकता है। तभी भाजपा को शिकस्त दी जा सकता है।

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