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संविधान से देश में कानून लोकतंत्र का राज है। प्रजातंत्र स्थापित सरकारें बन रही है।

 26 नवंबर संविधान दिवस – सबका मंगल हो 

संविधान से देश में कानून लोकतंत्र का राज है। प्रजातंत्र स्थापित सरकारें बन रही है।

हम भारत के लोग भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए उसमें समस्त नागरिकों को सामाजिक आर्थिक राजनैतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति धर्म विकास और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता अखंडता और बंधुत्व सुनिश्चित करने लिए संविधान सभा में 26 नवंबर 1949 को हमारे देश का संविधान देश को ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने देश को सोपा था, संविधान को निर्माण में 2 वर्ष 11महिने 17 दिन लगे हैं। विश्व का सबसे बड़ा श्रेष्ठ संविधान है।वन वोट वन वेल्यू अर्थात एक मत एक अधिकार में लोकतंत्र की स्थापना हुई, बगैर भेदभाव के सभी नागरिकों को समान अधिकार न्याय मिल रहा है, वोट देने का अधिकार, प्रतिनिधि चुनने का अधिकार, प्रतिनिधि बनने का अवसर मिला हुआ है। संविधान से विचार अभिव्यक्ति, संगठन बनाने का अधिकार मिला हुआ है। संविधान की वजह से ही महिला पुरुष बराबर के हिस्सेदार है कामकाज में वेतन, संपत्ति में महिला पुरुष के बराबर की हिस्सेदार है। संविधान मे उॅच-नीच छुआछूत भेदभाव पर प्रतिबंध है एट्रोसिटी एक्ट बना है, जिसमें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होती, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वंचित समुदाय को आगे लाने के लिए आरक्षण मिला हुआ है। शिक्षा रोजगार स्वास्थ्य गारंटी का मौलिक अधिकार मिला हुआ है।हम भारत के लोग भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए उसमें समस्त नागरिकों को सामाजिक आर्थिक राजनैतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति धर्म विकास और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता अखंडता और बंधुत्व सुनिश्चित करने लिए संविधान सभा में 26 नवंबर 1949 को हमारे देश का संविधान देश को ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने देश को सोपा था, संविधान को निर्माण में 2 वर्ष 11महिने 17 दिन लगे हैं। विश्व का सबसे बड़ा श्रेष्ठ संविधान है।वन वोट वन वेल्यू अर्थात एक मत एक अधिकार में लोकतंत्र की स्थापना हुई, बगैर भेदभाव के सभी नागरिकों को समान अधिकार न्याय मिल रहा है, वोट देने का अधिकार, प्रतिनिधि चुनने का अधिकार, प्रतिनिधि बनने का अवसर मिला हुआ है। संविधान से विचार अभिव्यक्ति, संगठन बनाने का अधिकार मिला हुआ है। संविधान की वजह से ही महिला पुरुष बराबर के हिस्सेदार है कामकाज में वेतन, संपत्ति में महिला पुरुष के बराबर की हिस्सेदार है। संविधान मे उॅच-नीच छुआछूत भेदभाव पर प्रतिबंध है एट्रोसिटी एक्ट बना है, जिसमें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होती, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वंचित समुदाय को आगे लाने के लिए आरक्षण मिला हुआ है। शिक्षा रोजगार स्वास्थ्य गारंटी का मौलिक अधिकार मिला हुआ है। संविधान से देश में कानून लोकतंत्र का राज स्थापित है, प्रजातंत्र का शासन है।

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