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वेकोलि पाथाखेड़ा के तवा टू खदान में नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन से हो रहा है क्षमता से कम उत्पादन चाइना से लाई गई नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन कमीशन की भेंट तो नही चढ़ा ॽ

वेकोलि पाथाखेड़ा के तवा टू खदान में नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन से हो रहा है क्षमता से कम उत्पादन 

चाइना से लाई गई नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन कमीशन की भेंट तो नही चढ़ा ॽ

वेकोलि पाथाखेड़ा में एक और नई तकनीक से लैस कोल कटर मशीन ) का आयात अगस्त सितम्बर 22 तक होने की संभावना है, लेकिन यह नई तकनीक से लैस कोल कटर मशीन चाइना से न आकर दक्षिण अफ्रीका से आयात हो रही है। जानकारी होती है कि दक्षिण अफ्रीकी की मशीन चाइना की मशीन से ज्यादा कोयला उत्पादन करने की क्षमता रखने वाली है। दक्षिण अफ्रीका से आने वाली मशीन छतरपुर एक खदान के लिए आ रही है। उसके बाद मार्च 23 तक तवा वन खदान के लिए मशीन आने की संभावना इस तरह भूमीगत खदानों में दुर्घटना से होने वाली जनहानि से बचाने और अधिक से अधिक कम समय में अधिक उत्पादन करने के लिए नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन continues miner mashin का इस्तेमाल किये जाने पर काम तेजी से चल रहा है।और वेकोलि पाथाखेड़ा के कोयला खदानों के लिए आठ इसी तरह की नई तकनीक से लैस मशीन आने वाली है। गौरतलब है कि बिजली का प्रमुख स्रोत कोयला है। कोयला का उत्पादन जितना अधिक होकर कोयला की पुर्ती होगी, बिजली भी उतनी ज्यादा उत्पादित होगी।धीरे धीरे नियमित कामगार सेवानिवृत्त हो रहे है संख्या कम हो रही है।स्थाई कामगारों की भर्ती की नही हो रही है। ठेका मजदूरों से काम लिया जा रहा है। जानकारी होती है कि कोल इंडिया ने पाथाखेड़ा तवा टू खदान में स्थापित चाइना की नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन का अनुमानित खर्च 56 करोड़ रुपए बताया जाता है।जिसका संचालन प्रति टन के अनुबंध से ठेका साऊथ अरी विंडो कंपनी को दिया गया है।नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन लगभग सौ कामगार का कार्य करती है। और बगैर डिल होल बारुद के सीधे कोयला काटकर कोयला निकालती है। कंट्रोलिंग सिस्टम से कोयला सीधे बेल्ट पर डंम होता है। जानकारों का मानना है कि चाइना की नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन लेवल सेक्सन में नहीं डीप राइट सेक्सन ( उबड़-खाबड़ जगह ) में स्थित होकर चल रही है। वहां पर्याप्त हवा की मात्रा भी नही है। जिससे मशीन आपरेटिंग सिस्टम में लगे कामगार प्रभावित होते है। नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन से क्षमता से कम उत्पादन कर रही है।जानकारी के अनुसार नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन से कोयला का उत्खन्न करीब 12 से 14 सौ टन प्रतिदिन होना चाहिए लेकिन 4-5 सौ टन ही हो रहा है। चाइना से लाई गई नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन कमीशन की भेंट तो नही चढ़ा ॽ भूमिगत कोयला खदानों में खनन कार्य नई तकनीक से लैस कोल कटर निरंतर खनन मशीन से करने का लक्ष्य रखते हुए विदेशी कंपनियों पर अरबों रुपए खर्च किए जाने पर भी अपेक्षा के अनुरूप कोयले का उत्पादन नही होते रहना संदेह लाजमी है, जो जांच का विषय है

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